ट्रंप के दवा मूल्य कटौती आदेश से भारतीय फार्मा शेयरों में गिरावट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 मई 2025 को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य अमेरिकी प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतों को अन्य विकसित देशों के स्तर तक लाना है। इस “मोस्ट फेवर्ड नेशन” (MFN) नीति के तहत, दवाओं की कीमतों में 30% से 80% तक की संभावित कटौती की जा सकती है। @EconomicTimes+1Wikipedia+1

भारतीय फार्मा कंपनियों पर प्रभाव

भारत की कई फार्मा कंपनियां, जैसे कि डॉ. रेड्डीज, लुपिन, और अरबिंदो फार्मा, अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से प्राप्त करती हैं। ट्रंप के इस आदेश से इन कंपनियों की लाभप्रदता पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है। Moneycontrol HindiMoneycontrol Hindi

शेयर बाजार में प्रतिक्रिया

ट्रंप की घोषणा के बाद, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 2.4% तक की गिरावट देखी गई, हालांकि दिन के अंत में यह 0.2% की बढ़त के साथ बंद हुआ। सन फार्मा, अजंता फार्मा, और ग्लेनमार्क जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि डिवीज लैब्स और टोरेंट फार्मा जैसे कुछ शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई। Moneycontrol Hindi+1Moneycontrol Hindi+1

भविष्य की रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी बाजार पर अत्यधिक निर्भरता वाली कंपनियों को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। उन्हें अन्य बाजारों में विस्तार करने और अनुसंधान एवं विकास पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।


निष्कर्ष: डोनाल्ड ट्रंप के दवा मूल्य कटौती आदेश ने भारतीय फार्मा उद्योग के लिए नई चुनौतियां प्रस्तुत की हैं। कंपनियों को अपनी रणनीतियों में बदलाव कर वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने की आवश्यकता है।

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