पेशाब रोकना पड़ सकता है भारी! जानिए कैसे किडनी और ब्लैडर को पहुंचता है नुकसान
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग अक्सर काम, यात्रा या मीटिंग के कारण शरीर के प्राकृतिक संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार पास में वॉशरूम न होने या व्यस्तता के चलते लोग लंबे समय तक पेशाब रोककर रखते हैं। लेकिन यह आदत धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकती है, खासकर किडनी और यूरिनरी सिस्टम के लिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर हमें संकेत देता है कि कब पेशाब करना जरूरी है। इन संकेतों को बार-बार अनदेखा करने से यह आदत आगे चलकर बीमारियों का कारण बन सकती है।
कैसे प्रभावित होती है किडनी?
किडनी का काम खून को फिल्टर करके यूरिन बनाना होता है। जब हम पेशाब रोकते हैं तो यह यूरिन ब्लैडर में जमा होने लगता है। यदि लंबे समय तक दबाव बना रहे तो इसका असर उल्टा किडनी पर पड़ सकता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।
यूरिन के जरिए शरीर से टॉक्सिन, बैक्टीरिया और अतिरिक्त नमक बाहर निकलते हैं। पेशाब रोकने पर ये तत्व शरीर में जमा रह सकते हैं और किडनी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
पेशाब रोकने से होने वाली गंभीर बीमारियां
1. यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)
पेशाब रोकने पर बैक्टीरिया बाहर नहीं निकल पाते और मूत्र मार्ग में बढ़ने लगते हैं, जिससे UTI हो सकता है। इसके लक्षणों में जलन, बार-बार पेशाब की इच्छा, बदबूदार यूरिन और पेट या कमर दर्द शामिल हैं। महिलाओं में इसका खतरा अधिक माना जाता है।
2. किडनी स्टोन का खतरा
कम पानी पीने और पेशाब रोकने से यूरिन गाढ़ा हो जाता है, जिससे मिनरल्स जमा होकर पथरी बना सकते हैं। यह समस्या तेज दर्द, उल्टी या पेशाब में खून जैसी स्थिति पैदा कर सकती है और कई बार सर्जरी की जरूरत भी पड़ती है।
3. ब्लैडर की मांसपेशियां हो सकती हैं कमजोर
लगातार पेशाब रोकने से ब्लैडर की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे पेशाब को कंट्रोल करने में दिक्कत, बार-बार पेशाब आना या यूरिन लीक जैसी समस्या हो सकती है, जिसे ब्लैडर डिसफंक्शन कहा जाता है।
4. कुछ लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक
प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या वाले पुरुष, डायबिटीज के मरीज, पहले से किडनी रोग से पीड़ित लोग या जिन्हें यूरिन रुकने की समस्या है—उन्हें पेशाब बिल्कुल नहीं रोकना चाहिए, क्योंकि इनमें किडनी खराब होने का जोखिम ज्यादा होता है।
बचाव के आसान तरीके
शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
लंबे सफर से पहले वॉशरूम जरूर जाएं।
यदि बार-बार पेशाब से जुड़ी समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
पेशाब रोकना एक छोटी लगने वाली आदत है, लेकिन इसका असर लंबे समय में गंभीर हो सकता है। स्वस्थ किडनी और ब्लैडर के लिए जरूरी है कि शरीर के प्राकृतिक संकेतों का सम्मान करें और इस आदत से बचें।
Disclaimer: यह जानकारी विशेषज्ञों की राय और रिसर्च पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

