Urine के रंग से पहचानें किडनी डैमेज के 5 संकेत, क्या आपकी पेशाब बता रही है कोई खतरा?

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🚨 Urine Color से जानें किडनी की सेहत, 5 चेतावनी संकेत जिन्हें नजरअंदाज न करें

किडनी हमारे शरीर की सफाई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर से विषैले तत्वों (toxins) को निकालती है, और इस प्रक्रिया का सीधा असर होता है — पेशाब (Urine) पर।

आश्चर्यजनक रूप से, पेशाब का रंग ही आपको किडनी डैमेज के शुरुआती लक्षण दे सकता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं कर रही होती, तो शरीर इसका संकेत आपके यूरिन के रंग, मात्रा और गंध के ज़रिए देता है।


🟡 1. गहरा पीला या ऑरेंज रंग – डिहाइड्रेशन या किडनी ओवरवर्किंग

यदि यूरिन बहुत गहरे पीले या नारंगी रंग का हो, तो यह संकेत हो सकता है कि आपकी किडनी ज़रूरत से ज्यादा मेहनत कर रही है और शरीर में पानी की भारी कमी है। लंबे समय तक ऐसा रहना किडनी की क्षमता पर असर डाल सकता है।

बचाव:
पानी की मात्रा बढ़ाएं, नमक और तले हुए खाद्य पदार्थों से बचें।


🟥 2. गुलाबी या लाल रंग – ब्लड इन यूरिन यानी Hematuria

अगर पेशाब में हल्का गुलाबी या साफ़ लाल रंग दिखाई दे, तो यह गंभीर खतरे का संकेत है। यह किडनी स्टोन, इंफेक्शन या ट्यूमर की वजह से हो सकता है।

बचाव:
तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और यूरिन की जांच करवाएं। ये लक्षण नजरअंदाज न करें।


🟤 3. भूरे रंग की पेशाब – Chronic Kidney Disease का संकेत

अगर पेशाब भूरे या चाय जैसे रंग का हो, तो यह chronic kidney disease (CKD) या लीवर डिसऑर्डर का लक्षण हो सकता है। ये टॉक्सिन्स के ज्यादा बनने और यूरिन में प्रोटीन के निकलने का परिणाम हो सकता है।

बचाव:
जल्दी से नेफ्रोलॉजिस्ट को दिखाएं। यूरिया, क्रिएटिनिन टेस्ट कराएं।


🧼 4. अत्यधिक झागदार पेशाब – प्रोटीन लीक का लक्षण

झागदार या फोमी यूरिन का मतलब है कि शरीर से प्रोटीन बाहर निकल रहा है, जो Proteinuria कहलाता है। यह किडनी फिल्ट्रेशन की खराबी दर्शाता है।

बचाव:
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को विशेष ध्यान देना चाहिए।


🟣 5. बहुत हल्का या पारदर्शी यूरिन – किडनी फ़ंक्शन अनियमित हो सकता है

अगर पेशाब बहुत ज्यादा पारदर्शी हो तो यह संकेत हो सकता है कि आपकी किडनी अत्यधिक फिल्ट्रेशन कर रही है या शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का बैलेंस गड़बड़ा गया है।

बचाव:
यह ‘सुपर हेल्दी’ का संकेत नहीं है — हो सकता है कि आपकी किडनी जरूरत से ज़्यादा काम कर रही हो।


क्या करें जब ऐसे लक्षण दिखें?

  • कम से कम साल में एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) करवाएं

  • पेशाब का रंग अगर लगातार 2–3 दिन तक असामान्य रहे तो डॉक्टर को दिखाएं

  • ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखें

  • बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर या सप्लीमेंट न लें


📌 निष्कर्ष:

आपका शरीर आपसे हर समय संवाद करता है — और पेशाब का रंग एक बेहद सीधा तरीका है आपको सतर्क करने का। यदि आप इन संकेतों को सही समय पर पहचान लें, तो किडनी की बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।

याद रखें, “रंग सिर्फ देखने की चीज़ नहीं, समझने की चीज़ भी है।”

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