🌫️ दिल्ली में धूल भरे तूफ़ान का कहर: IMD ने 20 मई तक ‘येलो अलर्ट’ जारी किया
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 14 मई की रात से शुरू हुए धूल भरे तूफ़ान ने जनजीवन को प्रभावित किया है। इस तूफ़ान के कारण दृश्यता में भारी गिरावट आई और वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुँच गई।The Times of India+1@EconomicTimes+1
📉 दृश्यता और वायु गुणवत्ता में गिरावट
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इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दृश्यता 4,500 मीटर से घटकर 1,200 मीटर रह गई।@EconomicTimes+3The Times of India+3@EconomicTimes+3
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15 मई को शाम 4 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 292 था, जो शाम 7 बजे तक बढ़कर 305 हो गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
🌬️ धूल तूफ़ान के कारण
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान से चलने वाली तेज़ हवाओं के कारण यह धूल तूफ़ान आया। उत्तर-पश्चिम भारत में उच्च दबाव के कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर राजस्थान में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएँ चलीं, जिससे धूल दिल्ली-एनसीआर में फैल गई।
⚠️ IMD का ‘येलो अलर्ट’
IMD ने 18 से 20 मई तक दिल्ली-एनसीआर के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश, गरज के साथ बिजली चमकने और तेज़ हवाओं की संभावना है।
🏥 स्वास्थ्य पर प्रभाव और सुझाव
धूल भरे तूफ़ान के कारण लोगों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
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बाहर निकलते समय मास्क पहनें।
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घर के दरवाज़े और खिड़कियाँ बंद रखें।
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जरूरत न होने पर बाहर न निकलें।
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घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
📆 आगे का मौसम पूर्वानुमान
IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों में दिल्ली में तापमान 40-41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। 21 मई को कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे धूल के प्रभाव में कमी आ सकती है।Hindustan Times

