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सुबह उठते ही दिखें ये 6 लक्षण तो हो सकती है किडनी खराब होने की शुरुआत, तुरंत करवाएं जांच

🚨 सुबह दिखने वाले ये 6 लक्षण हो सकते हैं किडनी डैमेज का इशारा!

किडनी (गुर्दे) हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं, जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और पानी-सोडियम का संतुलन बनाए रखने का काम करते हैं। लेकिन अगर आपकी किडनी धीरे-धीरे खराब हो रही हो तो यह शुरू में आसानी से पता नहीं चलता।

विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह उठते ही शरीर में दिखने वाले कुछ खास लक्षण किडनी डैमेज की ओर इशारा कर सकते हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।


🧾 किडनी डैमेज के 6 संकेत जो सुबह सबसे पहले दिखते हैं:

1. 🧊 चेहरे और आंखों के नीचे सूजन (Facial Puffiness):

सुबह उठते ही चेहरे पर या आंखों के नीचे सूजन दिखाई देना एक सामान्य लक्षण हो सकता है कि आपकी किडनी प्रॉपर तरीके से टॉक्सिन्स को फिल्टर नहीं कर रही है।

2. 🦶 पैरों और टखनों में सूजन (Swelling in Feet):

अगर सुबह उठते ही पैरों में जूते तंग लगने लगें या टखनों में सूजन महसूस हो, तो यह शरीर में फ्लूइड रिटेंशन का संकेत है, जो किडनी के सही से काम न करने के कारण होता है।

3. 🚽 बार-बार पेशाब आना या बहुत कम आना:

सुबह अत्यधिक या बहुत कम मात्रा में यूरिन आना किडनी की कार्यप्रणाली में असंतुलन का संकेत देता है।

4. 🌫️ सुबह-सुबह थकान और भारीपन:

पूरी नींद के बावजूद अगर आप सुबह उठकर थकान या आलस्य महसूस करते हैं, तो यह शरीर में टॉक्सिन्स के अधिक मात्रा में जमा होने के कारण हो सकता है।

5. 💦 फोमी यूरिन (झागदार पेशाब):

यदि यूरिन में अधिक झाग दिखे, तो यह संकेत हो सकता है कि पेशाब के साथ प्रोटीन बाहर निकल रहा है — यह किडनी डैमेज का शुरुआती लक्षण है।

6. 🧠 धुंधलापन या ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत:

सुबह उठते ही मानसिक रूप से सुस्ती या फोकस की कमी भी शरीर में विषैले तत्वों के इकट्ठा होने के कारण हो सकती है।


🧬 किन्हें है ज्यादा खतरा?


🛡️ बचाव के जरूरी उपाय:


🏥 कब दिखाएं डॉक्टर को?

अगर ऊपर बताए गए लक्षण 3–5 दिनों से अधिक समय तक बने रहें या उनकी तीव्रता बढ़ती जाए, तो तुरंत किसी नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी स्पेशलिस्ट) से संपर्क करें। समय रहते की गई जांच और इलाज से किडनी फेल होने की नौबत टाली जा सकती है।


🔚 निष्कर्ष:

किडनी की बीमारी धीरे-धीरे और चुपचाप शरीर को नुकसान पहुंचाती है। सुबह के ये छोटे-छोटे लक्षण आपको चेतावनी दे सकते हैं कि अब सावधान हो जाने का समय आ गया है। शरीर आपको संकेत देता है, ज़रूरत है उन्हें समझने की। “जागरूकता ही बचाव है।”

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