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राष्ट्रपति संदर्भ क्या है? जानिए इसकी प्रक्रिया, महत्व और संवैधानिक भूमिका

राष्ट्रपति संदर्भ: संविधान का मौलिक कानूनी प्रावधान

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति को यह अधिकार देता है कि वह किसी भी महत्वपूर्ण कानूनी या संवैधानिक प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय से सलाह मांग सकते हैं। इसे “राष्ट्रपति संदर्भ” (Presidential Reference) कहा जाता है।


राष्ट्रपति संदर्भ की प्रक्रिया क्या होती है?

जब केंद्र सरकार को कोई ऐसा संवैधानिक या कानूनी प्रश्न उत्पन्न होता है जो राष्ट्रीय हित से जुड़ा हो और उसका निपटारा न्यायिक मार्ग से आवश्यक हो, तब राष्ट्रपति इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट से सलाह लेने का निर्णय ले सकते हैं।

इस प्रक्रिया की मुख्य बातें:


राष्ट्रपति संदर्भ के प्रकार

  1. अनुच्छेद 143(1) – इसमें राष्ट्रपति ऐसे प्रश्नों पर सुप्रीम कोर्ट से राय मांग सकते हैं जो कानून या संविधान की व्याख्या से संबंधित हों।

  2. अनुच्छेद 143(2) – इसमें राष्ट्रपति उन विवादों को सुप्रीम कोर्ट भेज सकते हैं जो केंद्र और राज्यों के बीच उत्पन्न हुए हों।


ऐतिहासिक उदाहरण


यह क्यों जरूरी है?


निष्कर्ष

राष्ट्रपति संदर्भ भारत के लोकतंत्र और संविधान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह न केवल कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच संवाद स्थापित करता है, बल्कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा में भी सहायक होता है। अनुच्छेद 143 के तहत प्राप्त यह अधिकार, भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की एक सशक्त विशेषता है।

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