आजकल फिटनेस का ट्रेंड बढ़ रहा है और हर कोई चाहता है कि वह सेहतमंद और एक्टिव रहे। इसी दौड़ में प्रोटीन शेक्स काफी पॉपुलर हो चुके हैं। लेकिन भारत में सदियों से एक देसी सुपरफूड है जिसे हम सब जानते हैं — सत्तू।
अब सवाल यह है कि क्या सत्तू एक सस्ता और असरदार विकल्प हो सकता है प्रोटीन शेक का?
आइए इस ब्लॉग में जानते हैं दोनों के पोषण मूल्य, फायदे, नुकसान और तुलना


🥛 सत्तू क्या है?

सत्तू भुने हुए चने (कभी-कभी जौ या मक्का) से बना होता है। यह पाउडर रूप में आता है और पानी या दूध में मिलाकर पिया जाता है।
यह बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में पारंपरिक रूप से गर्मियों में पिया जाता है।

प्राकृतिक, सस्ता और पचने में आसान — यही है इसकी खूबी।


🧬 प्रोटीन शेक क्या है?

प्रोटीन शेक आमतौर पर वे प्रोडक्ट्स होते हैं जिनमें दूध या पानी के साथ मिक्स करने योग्य whey, casein, soy, या pea protein शामिल होता है।
ये अधिकतर जिम जाने वालों और एथलीट्स द्वारा मसल्स बनाने और रिकवरी के लिए लिया जाता है।

ये ब्रांडेड होते हैं, और महंगे भी।


⚖️ सत्तू vs प्रोटीन शेक – तुलना तालिका

पहलूसत्तू (30g)प्रोटीन शेक (30g वे प्रोटीन)
प्रोटीन7–10 ग्राम20–25 ग्राम
फाइबरउच्चनगण्य
कार्ब्समध्यमकम
विटामिन/मिनरल्सनेचुरलफोर्टीफाइड
पाचनआसानकुछ को भारी लगता है
कीमत (प्रति सर्विंग)₹5–10₹40–70
कृत्रिम तत्वनहींअक्सर फ्लेवरिंग/स्वीटनर

सत्तू के फायदे:

  1. सस्ता और सुलभ

  2. नेचुरल प्रोटीन और फाइबर का स्रोत

  3. गर्मी में शरीर को ठंडा करता है

  4. पाचन अच्छा रखता है

  5. डायबिटीज़ फ्रेंडली (ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम)


सत्तू की सीमाएं:

  • प्रोटीन की मात्रा सीमित

  • लंबी एक्सरसाइज़ के बाद मसल रिकवरी में अकेले पर्याप्त नहीं

  • स्वाद में वैरायटी नहीं


प्रोटीन शेक के फायदे:

  1. तेज़ मसल रिकवरी

  2. उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन

  3. लो कैलोरी, लो फैट

  4. जिम के बाद क्विक सप्लीमेंट


प्रोटीन शेक की कमियां:

  • महंगा और अक्सर मिलावटी

  • सिंथेटिक फ्लेवर, स्वीटनर से साइड इफेक्ट संभव

  • पाचन में कुछ लोगों को गैस, एसिडिटी


👨‍⚕️ किसे क्या चुनना चाहिए?

आपकी प्रोफ़ाइलसत्तू बेहतरप्रोटीन शेक बेहतर
आम घरेलू व्यक्ति
स्टूडेंट्स/वर्किंग
वज़न घटाना चाह रहे✅ (unsweetened)
जिम वर्कआउट/मसल बिल्डिंगसपोर्टिव✅ जरूरी
बुज़ुर्ग
बजट कम है

📝 निष्कर्ष:

सत्तू और प्रोटीन शेक दोनों के अपने-अपने फायदे हैं।
अगर आप एक सामान्य फिटनेस बनाए रखना चाहते हैं और किसी देसी, सस्ते, नैचुरल विकल्प की तलाश में हैं, तो सत्तू आपकी पहली पसंद होनी चाहिए।
लेकिन यदि आप हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट या बॉडीबिल्डिंग कर रहे हैं, तो प्रोटीन शेक आपकी ज़रूरत हो सकता है।

👉 फैसला आपकी ज़रूरत, बजट और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है।
लेकिन याद रखिए — देसी विकल्प को नजरअंदाज़ न करें।

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