🧬 परिचय:

कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए आवश्यक तत्व है, लेकिन जब इसकी मात्रा असंतुलित हो जाती है तो यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते, लेकिन शरीर कुछ संकेत जरूर देता है जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। समय रहते इन संकेतों को पहचानना और जीवनशैली में बदलाव करना बेहद जरूरी है।


⚠️ हाई कोलेस्ट्रॉल के 5 अहम लक्षण जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

1️⃣ पैरों और हाथों में सुन्नपन या झुनझुनाहट:

अगर आपको बार-बार पैरों या हाथों में सुन्नपन महसूस होता है, तो यह ब्लड फ्लो में रुकावट का संकेत हो सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल धमनियों को संकुचित कर देता है, जिससे नसों में ब्लड सप्लाई बाधित होती है।


2️⃣ सीने में दर्द या भारीपन (Angina):

यह दिल तक ब्लड पहुंचने में रुकावट का संकेत है। कोरोनरी आर्टरी में प्लाक जमने से दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे सीने में असहजता या दर्द हो सकता है।


3️⃣ आंखों के पास पीले/सफेद धब्बे (Xanthelasma):

आंखों के कोनों या पलकों पर हल्के पीले रंग के धब्बे कोलेस्ट्रॉल जमा होने का संकेत हो सकते हैं। ये कॉस्मेटिक दिखने वाले लक्षण असल में आपके हृदय स्वास्थ्य का खतरा दर्शाते हैं।


4️⃣ थकान और सांस फूलना:

अगर सामान्य काम करते समय जल्दी थकान होती है या सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलने लगती है, तो यह हृदय तक ऑक्सीजन न पहुंच पाने का लक्षण हो सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल हृदय की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है।


5️⃣ पैरों में दर्द चलते समय (Peripheral Artery Disease):

चलते समय अगर बार-बार पैरों में दर्द या ऐंठन होती है, तो यह परिधीय धमनी रोग (PAD) का संकेत हो सकता है। यह समस्या तब होती है जब पैरों की नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है।


🩺 हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण:

  • ज्यादा ऑयली और फास्ट फूड का सेवन

  • शारीरिक गतिविधि की कमी

  • अधिक तनाव और नींद की कमी

  • धूम्रपान और शराब

  • आनुवंशिक कारण


रोकथाम के उपाय:

  • संतुलित आहार लें जिसमें फाइबर और गुड फैट्स हों

  • नियमित व्यायाम करें – कम से कम 30 मिनट रोज

  • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें

  • समय-समय पर ब्लड लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराएं

  • तनाव प्रबंधन करें – योग, मेडिटेशन अपनाएं


🧠 विशेष सलाह:

हाई कोलेस्ट्रॉल “साइलेंट किलर” के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी हृदय को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि परिवार में हृदय रोग का इतिहास हो या आपकी जीवनशैली असंतुलित हो, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर नियमित जांच कराना आवश्यक है।


🔚 निष्कर्ष:

हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण छोटे जरूर लग सकते हैं, लेकिन इनके पीछे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं छिपी होती हैं। शरीर के संकेतों को समय रहते समझना और सक्रियता से जीवनशैली में सुधार लाना ही स्वस्थ हृदय और बेहतर जीवन की कुंजी है।

 

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