एंडोमेट्रियोसिस: एक अनदेखी बीमारी जो गर्भधारण को बना सकती है मुश्किल

महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलावों के कारण कई बार ऐसी बीमारियाँ उत्पन्न हो जाती हैं जो आम जीवन को भी प्रभावित करती हैं। एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) एक ऐसी ही गुप्त बीमारी है, जो धीरे-धीरे महिलाओं के प्रजनन तंत्र पर गंभीर असर डाल सकती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब गर्भाशय की अंदरूनी परत की तरह के ऊतक गर्भाशय के बाहर विकसित होने लगते हैं।


🩸 यह बीमारी कैसे प्रभावित करती है गर्भधारण को?

गर्भधारण एक जटिल जैविक प्रक्रिया है, जिसमें अंडाणु, शुक्राणु और स्वस्थ गर्भाशय की भूमिका अहम होती है। एंडोमेट्रियोसिस में विकसित ऊतक अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब या पेट की भीतरी परत पर जमा हो जाते हैं, जिससे सूजन, चिपकाव (adhesions), और कभी-कभी सिस्ट बनने लगते हैं। यह स्थिति फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती है।

कई महिलाओं को बार-बार गर्भधारण में असफलता, गर्भपात या इनफर्टिलिटी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसका एक कारण यह बीमारी हो सकती है।


⚠️ मुख्य लक्षण (Symptoms):

  1. अत्यधिक दर्दभरे पीरियड्स

  2. संभोग के दौरान या बाद में दर्द

  3. पेट या पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द

  4. अत्यधिक ब्लीडिंग या अनियमित पीरियड्स

  5. गर्भधारण में कठिनाई

यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श ज़रूर लें।


🔍 कारण और जोखिम (Causes & Risk Factors):

  • हार्मोनल असंतुलन

  • अनुवांशिक कारण (Genetic)

  • प्रतिरक्षा प्रणाली की गड़बड़ी

  • समय से पहले पीरियड्स शुरू होना

  • कम अंतराल में मासिक धर्म होना

हालाँकि एंडोमेट्रियोसिस का कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन ये सभी फैक्टर इसकी संभावना बढ़ा सकते हैं।


🧪 जांच और निदान (Diagnosis):

  • पेल्विक एग्जामिनेशन

  • अल्ट्रासाउंड या MRI

  • लैप्रोस्कोपी: यह एक सर्जिकल जांच है जो सबसे सटीक मानी जाती है।

प्रारंभिक निदान से इस बीमारी की जटिलता को रोका जा सकता है।


💊 इलाज और प्रबंधन (Treatment & Management):

  • दवाइयाँ: हार्मोन थेरेपी से लक्षणों में राहत मिल सकती है

  • सर्जरी: गंभीर मामलों में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है

  • फर्टिलिटी ट्रीटमेंट: जैसे IVF (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) एंडोमेट्रियोसिस पीड़ित महिलाओं के लिए सहायक हो सकता है

  • डाइट और लाइफस्टाइल बदलाव: संतुलित आहार, एक्सरसाइज़ और स्ट्रेस कम करना लाभकारी होता है


🌸 बचाव के उपाय (Prevention Tips):

  • मासिक धर्म के समय दर्द या असामान्य लक्षणों को न करें नजरअंदाज

  • समय-समय पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच करवाएं

  • हॉर्मोनल बैलेंस बनाए रखें

  • फैटयुक्त भोजन और प्रोसेस्ड फूड से बचें


🧠 निष्कर्ष:

एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी बीमारी है, जिसे अक्सर महिलाएं सामान्य पीरियड दर्द समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन समय पर पहचान और उचित इलाज से न सिर्फ इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि गर्भधारण की संभावना भी बढ़ाई जा सकती है। यदि आप या आपके आसपास कोई महिला इन लक्षणों से परेशान है, तो उसे सलाह देना न भूलें – स्वास्थ्य की अनदेखी न करें।


📌 Source:
एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ी जानकारी पढ़ें ABP Live पर


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